
तेहरान: ईरान ने मलबों से करीब 1000 से ज्यादा मिसाइलें सुरक्षित बरामद कर ली हैं। अमेरिका ने करीब 40 दिनों के युद्ध के दौरान ईरान में साढ़े 13 हजार हमला करने की बात कही थी। सीएनएन ने रविवार को बताया है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल की बमबारी से ढह गए सुरंगों के मुहानों को फिर से खोदकर खोलने के बाद इजरायल और मध्य पूर्व के अन्य देशों पर नये सिरे से मिसाइल हमलों के लिए पूरी तरह से तैयार है। सीएनएन के मुताबिक ईरान ने सड़कों और सुरंगों के मुहानों को साफ करने के लिए बुलडोजर और डंप ट्रक जैसे साधारण उपकरणों का इस्तेमाल किया।
सीएनएन से अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने कहा है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना बहुत मुश्किल होगा। हैम्बर्ग विश्वविद्यालय के शांति अनुसंधान और सुरक्षा नीति संस्थान में वरिष्ठ शोधकर्ता तिमूर कादिशेव जो ईरान की मिसाइलों का अध्ययन करते हैं उन्होंने सीएनएन से कहा ‘वे 20 सालों से इस तरह के युद्ध की तैयारी कर रहे थे।’ उन्होंने कहा ‘इस तरह का नुकसान पहुंचाने के लिए आपको बहुत ही आधुनिक और बहुत महंगे हथियारों का इस्तेमाल करना पड़ता है और इसकी मरम्मत का काम बहुत ही साधारण तकनीक वाला होता है। इसमें बस बुलडोजर ही लगते हैं।’
सीएनएन के मुताबिक कई एक्सपर्ट्स ने कहा है कि ईरान के पास अभी भी अंडरग्राउंड में 1000 से ज्यादा मिसाइलें जमा हैं। उनका कहना है कि इस बात की संभावना बहुत कम है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में अंडरग्राउंड मिसाइल भंडार को कोई नुकसान पहुंचा हो। सीएनएन से अमेरिका के एक अधिकारी ने बिना नाम की पहचान किए कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में जो नुकसान हुआ है ईरान ने बहुत हद तक इस युद्धविराम में उसकी भरपाई कर ली है।
सीएनएन के मुताबिक ईरान के ज्यादातर मिसाइल ठिकाने कम से कम आंशिक रूप से चालू हैं। इस महीने की शुरुआत में न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी बताया था कि अमेरिका का मानना है कि ईरान ने अपने ज्यादातर मिसाइल ठिकानों तक फिर से पहुंच बना ली है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अभी भी उन मिसाइल भंडारों का इस्तेमाल कर सकता है जो चालू नहीं हैं। वह उन्हें मोबाइल लॉन्चरों से लॉन्च कर सकता है और देश के पास अपने मोबाइल लॉन्चरों का लगभग 70% भंडार अभी भी मौजूद है। रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य एजेंसियों का भी हवाला दिया गया है जिन्होंने दावा किया कि ईरान की 90% भूमिगत मिसाइल सुविधाएं कम से कम आंशिक रूप से चालू हैं।






