
उन्नाव में धारदार हथियार से हमला करने के आरोप में जेल भेजे गए एक आरोपी की बुधवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और शव को अस्पताल गेट के बाहर रखकर सड़क जाम कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, आसीवन थाना क्षेत्र के बेगमनगर रसूलाबाद निवासी शाहरुख अहमद ने 21 जून को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके भाई अनस पर नुरुल्लानगर निवासी आदिल और उसके पिता शफीक अहमद ने धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। इसी मामले में आरोपी शफीक अहमद (45) को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर जिला जेल भेजा गया था।
जेल प्रशासन के मुताबिक, शफीक को मंगलवार शाम जिला जेल में दाखिल किया गया था। बुधवार दोपहर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद जेल कर्मी उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और पुलिस पर हिरासत में मारपीट करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की पिटाई के कारण शफीक की मौत हुई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि आरोपी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल भेजा गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, आसीवन थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने कहा कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। पुलिस पर लगाए गए आरोपों सहित पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।






