
लखनऊ. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत की आम जनता की जेब पर भी दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा इजाफा हुआ है. पेट्रोल जहां 3.14 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है, वहीं डीजल की कीमत में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जिसके चलते राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 97.51 रुपये और डीजल 90.79 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.
वैश्विक संकट के कारण बढ़ी इन कीमतों ने आम आदमी की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन देशहित और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए कई लोगों ने इसे मजबूरी बताते हुए समर्थन भी किया है. वाहन चालकों का कहना है कि युद्ध और तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी स्वाभाविक है. हालांकि, मध्यम वर्ग और रोजमर्रा की कमाई करने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ने लगा है. विशेषज्ञों के मुताबिक यदि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और बढ़ा तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखाई देगा
और ख़राब हो सकते हैं हालात
मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी आई है. भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में ईंधन की कीमतें इसकी चपेट में आ गई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचा तो आगे और बढ़ोतरी हो सकती है. लोगों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई नागरिकों ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह बढ़ोतरी जरूरी थी, हालांकि, आम उपभोक्ताओं पर इसका बोझ साफ नजर आ रहा है. परिवहन, किराना सामान और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर इसका असर जल्द दिख सकता है.








