
ब्यूरो रिपोर्ट पीलीभीत : उत्तर प्रदेश,के “जनपद”पीलीभीत में नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार का मामला गरमाता जा रहा है। तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) की टीम ने नेहरू पार्क सौंदर्याकरण, नाला निर्माण और स्ट्रीट लाइट परियोजनाओं की जांच शुरू की है, जिसमें शुरुआती दौर में ही गंभीर अनियमितताएं सामने आ गई हैं। इन खुलासों से पालिका प्रशासन, चेयरमैन आस्था अग्रवाल और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों ने इसे ‘विकास के नाम पर सरकारी धन की लूट’ करार दिया है।
नेहरू पार्क सौंदर्याकरण में 1.92 करोड़ की लूट?
टीम ने सबसे पहले नेहरू पार्क का निरीक्षण किया, जहां पुनरुद्धार और सौंदर्याकरण के लिए 1.92 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। जांच में पाया गया कि निर्माण में मानक विहीन सामग्री का इस्तेमाल हुआ। पार्क के फर्श, बेंच और लैंडस्केपिंग में घटिया मटेरियल के कारण काम टूट-फूट रहा है। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश बजट कागजों पर ही खर्च दिखाया गया, जबकि जमीनी स्तर पर केवल दिखावटी काम हुआ। TAC टीम ने सैंपल कलेक्ट कर लैब टेस्ट के लिए भेज दिए हैं।
नाला निर्माण और स्ट्रीट लाइट योजना पर गंभीर सवाल
भ्रष्टाचार का दायरा नेहरू पार्क तक सीमित नहीं। शहर में 9 करोड़ रुपये के नाला निर्माण कार्य में भी तकनीकी खामियां मिलीं। कई जगह नाले की गहराई और चौड़ाई मानकों से मेल नहीं खा रही, जिससे जलभराव की समस्या बनी हुई है। वहीं, 3 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट योजना सबसे बड़ा झोल दिखा रही है। शहर को ‘रोशन’ करने का दावा करने वाली इस योजना में लगाई गई अधिकांश लाइटें कुछ ही महीनों में खराब हो चुकी हैं। कई इलाके आज भी अंधेरे में डूबे हैं, जो लाइटों की घटिया गुणवत्ता को उजागर करता है। स्थानीय व्यापारी और निवासी रोज शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
ब्लैकलिस्ट फर्मों को क्यों मिले करोड़ों के ठेके?
सबसे चौंकाने वाला खुलासा ब्लैकलिस्ट फर्मों का है। पीलीभीत नगर पालिका ने उन ठेकेदार फर्मों को विकास कार्य सौंपे, जो पहले से काली सूची में दर्ज हैं। इन फर्मों पर पूर्व में भी भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं, फिर भी चेयरमैन आस्था अग्रवाल के नेतृत्व वाली पालिका ने इन्हें फायदा पहुंचाया। विपक्षी नेता इसे ‘प्रशासनिक सांठगांठ’ बता रहे हैं। TAC टीम अब फाइलों, टेंडर प्रक्रिया और भुगतान रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।
जनता में आक्रोश, प्रशासन पर दबाव
स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क रहा है।नेहरू पार्क के पास एकत्रित ग्रामीणों ने कहा, “हमारी गाढ़ी कमाई के टैक्स विकास के नाम पर लुटाए जा रहे हैं। पार्क हो या सड़कें, सब टूट चुके हैं।” जिला प्रशासन ने TAC रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “रिपोर्ट आने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। ब्लैकलिस्ट फर्मों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी को भी सूचित किया जा सकता है।
“”विकास की आड़ में जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। TAC की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” – जिला मजिस्ट्रेट, पीलीभीत
यह मामला अब राजनीतिक रंग ले सकता है, क्योंकि आगामी चुनावों से पहले भ्रष्टाचार के आरोप पालिका प्रशासन के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। जांच जारी है







