
ब्यूरो रिपोर्ट: नवल शर्मा
पीलीभीत/उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार बरेली में दिए गए एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। ‘धार्मिक ध्रुवीकरण’ के आरोप लगने के बाद उन्होंने पीलीभीत में मीडिया के सामने सफाई दी और कहा, “सनातन की बात करना और हिंदुओं को जगाना मेरा धर्म है।
“यह विवाद बरेली के एक कार्यक्रम से शुरू हुआ, जहां मंत्री ने मंच से जनता से ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाए। उन्होंने भीड़ से सवाल किया, “80 फीसदी की आवाज ज्यादा होनी चाहिए या 18 फीसदी की?” इस बयान को हिंदू बहुमत (80%) और मुस्लिम अल्पसंख्यक (18%) आबादी के संदर्भ में देखा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि जब दूसरे ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाते हैं, तो हमें ‘जय श्री राम’ में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदुओं की आवाज को दबने नहीं देंगे।
पीलीभीत में सफाई देते हुए गंगवार ने कहा, “मेरा विजन स्पष्ट है। पीएम मोदी जी कहते हैं कि मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कुरान, दूसरे में कंप्यूटर हो। हम विकास चाहते हैं, लेकिन सनातन धर्म की रक्षा और सोए हिंदुओं को जगाना मेरा कर्तव्य है।
“राजनीतिक गलियारों में इस बयान को ध्रुवीकरण की कोशिश बताया जा रहा है। समर्थक इसे ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ कह रहे हैं, जबकि विपक्ष का आरोप है कि जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री को समाज बांटने वाली भाषा नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए। ’80 बनाम 18′ फॉर्मूला ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।





