
लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर में युवक वकील की वेशभूषा में मुकदमे की पैरवी करते पकड़ा गया है। अधिवक्ताओं को शक होने पर पूछताछ की गई तो मामला फर्जीवाड़े का निकला। सूचना मिलते ही वजीरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना वजीरगंज में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना वजीरगंज थाना क्षेत्र स्थित सिविल कोर्ट की है। जानकारी के मुताबिक, 23 वर्षीय गुफरान, निवासी तोपखाना बाजार थाना कैंट, कोर्ट की तीसरी मंजिल पर एक मुकदमे में वकील की वेशभूषा पहनकर पहुंचा था। वह खुद को अधिवक्ता बताकर केस की पैरवी कर रहा था।
कोर्ट परिसर में मौजूद कुछ अधिवक्ताओं को उसके हाव-भाव और व्यवहार पर संदेह हुआ। उन्होंने उससे बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन और संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला संदिग्ध लगने लगा।
अधिवक्ताओं ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। वजीरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में वह किसी भी मान्यता प्राप्त बार काउंसिल में पंजीकृत अधिवक्ता नहीं पाया गया।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह पहले भी इस तरह से कोर्ट में पेश हुआ है या नहीं और उसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।





