February 11, 2026
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वी आर द फ्यूचर संवाददाता

पीलीभीत। थाना घुंघचाई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पासपोर्ट सहित अन्य सामान बरामद किया है। बरामद डिजिटल डाटा के विश्लेषण में बड़े पैमाने पर साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान तनीष उर्फ हर्षित विश्वकर्मा (निवासी भोपाल, उम्र 22 वर्ष) तथा आशुतोष कुमार उर्फ आशु उर्फ पंकज (मूल निवासी शाहजहांपुर, हाल निवासी दिल्ली, उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों दुबई में फर्जी गेमिंग ऐप के कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं और वहीं से ठगी का तरीका सीखा। बाद में इन्होंने पीलीभीत व रुद्रपुर क्षेत्र में अपने सहयोगियों के माध्यम से कॉल सेंटर संचालित कर नेटवर्क फैलाया।

ठगी का तरीका बेहद शातिराना

गिरोह ऑनलाइन गेमिंग ऐप (एविएटर आदि) के नाम पर लोगों को कॉल कर लालच देता था। शुरुआत में खिलाड़ियों को जानबूझकर छोटी जीत दिलाई जाती, फिर अधिक रकम निवेश कराने के बाद उनका पूरा अकाउंट खाली कर दिया जाता। जब पीड़ित विरोध करता तो नंबर बंद कर नए शिकार की तलाश शुरू कर दी जाती।

गिरोह ने farplay247.games वेबसाइट के जरिये डायलर सॉफ्टवेयर से कॉल कर देशभर में जाल फैलाया। आरोपियों के लैपटॉप में लगभग 50,000 लोगों के लॉगिन डाटा और करीब 20,000 निवेशकों की जानकारी मिली है। अब तक की जांच में 11,739 नंबर यूजर आईडी से लगभग 5 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक का निवेश सामने आया है।

देशभर से जुड़े तार

जांच में कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा सहित कई राज्यों से शिकायतें जुड़ी मिली हैं। गिरोह फर्जी आधार कार्ड के सहारे होटल में रुकता और अपनी असली पहचान छिपाता था। अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।

बरामदगी व मुकदमा

पुलिस ने कुल 7 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 1 पासपोर्ट बरामद किया है। मामले में मुकदमा संख्या 169/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 3(5) बीएनएस व 66सी/66डी आईटी एक्ट के तहत पंजीकृत है।

कार्रवाई करने वाली टीम

पूरी कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक जयशंकर सिंह के नेतृत्व में सर्विलांस टीम व थाना घुंघचाई पुलिस ने संयुक्त रूप से की।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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