
ब्यूरो रिपोर्ट:पीलीभीत
पीलीभीत, 25 मार्च 2026: स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ कार्यालय से बर्खास्त पूर्व आयुष्मान मैनेजर अरुण कुमार मौर्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। धोखाधड़ी और लाखों रुपये हड़पने के आरोप में एसपी के आदेश पर उसके खिलाफ दो नई एफआईआर दर्ज हुई हैं। इससे पहले भी दो शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिससे ठग गिरोह के खिलाफ मुकदमों की संख्या बढ़ गई है। सुनगढ़ी कोतवाली में धारा 420, 467, 468 समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं।
पहली शिकायत नगर पंचायत नौगवा पकड़िया के प्रशांत गंगवार ने दी। उन्होंने आरोप लगाया कि छतरी चौराहा के ‘मौर्य मेडिकल स्टोर’ संचालक रमाकांत मौर्य व उनके बेटे अरुण ने प्लॉट बेचने का लालच देकर किस्तों में 10 लाख 80 हजार रुपये ऑनलाइन ले लिए। रकम हड़पने के बाद न रजिस्ट्री की, न पैसे लौटाए। एग्रीमेंट की समयसीमा निकलने पर भी प्लॉट न देने पर दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी ठहरा रहे हैं। अब पीड़ित को फर्जी मुकदमे की धमकी दी जा रही है।
दूसरी एफआईआर सीएमओ कार्यालय के सहायक शोध अधिकारी पियूष कुमार सिंह की शिकायत पर दर्ज हुई। पियूष ने बताया कि अरुण ने पारिवारिक समस्या बताकर 15 लाख रुपये उधार लिए। आधा पैसा तो लौटा दिया, लेकिन बाकी 7 लाख 47 हजार पर टालमटोल करने लगा। इस साजिश में अरुण की पत्नी नीतू मौर्य (बरेली की शिक्षिका), पिता रमाकांत व भाई अभिनव भी शमिल हैं। जाली बैंक रसीदें व फर्जी ट्रांसफर मैसेज दिखाकर गुमराह किया। पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी मिल रही है।
इस ठगी के नेटवर्क से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी के सख्त निर्देश पर पुलिस साक्ष्य जुटा रही है और जल्द गिरफ्तारी की दबिश बढ़ाएगी। विभाग से बर्खास्तगी के बाद अरुण का ‘ठगी साम्राज्य’ अब बेनकाब हो रहा है।







