
fire isolated over black background
लखनऊ: विभूतिखंड थाने के बगल स्थित निर्माणाधीन सात मंजिला होटल ताज के बेसमेंट में शुक्रवार शाम को भीषण आग लग गई। इस हादसे में बेसमेंट में काम कर रहे 200 श्रमिक धुएं के कारण फंस गए थे। हालांकि, दूसरे तल पर काम कर रहे श्रमिकों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटनास्थल पर पहुंची दमकल की 13 गाड़ियों की मदद से करीब पांच घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
होटल में बेसमेंट के बी-1, बी-2, बी-3 और ऊपर चार मंजिल हैं। बेसमेंट के बी-1 में टाइल्स और डेकोरेशन का काम चल रहा था, जहां लगभग 200 श्रमिक काम कर रहे थे। बी-3 में वायरिंग हो रही थी। शाम करीब चार बजे, बी-3 में पत्थर और टाइल्स काटते समय मशीन से निकली चिंगारी पास रखे ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आ गई, जिससे आग भड़क उठी।
डेकोरेशन के सामान और ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और काले धुएं का गुबार छा गया, जिससे श्रमिक फंस गए। हालांकि, अन्य तलों पर काम कर रहे श्रमिकों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिसकर्मियों ने एहतियात के तौर पर करीब छह एंबुलेंस मंगवाईं और पास की दुकानों से पानी लाकर श्रमिकों को पिलाया, जिससे वे कुछ देर बाद सामान्य हो सके। सुरक्षा की दृष्टि से होटल के दोनों ओर की सड़क को ब्लॉक कर दिया गया।
धुएं के कारण दमकल कर्मियों को देखने में समस्या आ रही थी, इसलिए उन्होंने पहले स्मोक एग्जॉस्ट की मदद से धुएं को बाहर निकाला।
करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात नौ बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इंस्पेक्टर अमर सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग का कारण मशीन से निकली चिंगारी बताई जा रही है। सीएफओ अंकुश मित्तल ने किसी जनहानि से इनकार किया है। हादसे की असल वजह की जांच की जाएगी।








