
ब्यूरो रिपोर्ट:नवल शर्मा पीलीभीत,बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सिसैया के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ग्राम प्रधान दिलीप कुमार उर्फ लालू और उनके साथियों पर दर्ज मुकदमे को फर्जी बताया है। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। उनका आरोप है कि राजनीतिक रंजिश के चलते सत्तापक्ष के एक करीबी के इशारे पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रार्थी गोपाल वर्मा ने पुलिस अधीक्षक को दिए पत्र में बताया कि ग्राम सिसैया में गाटा संख्या 195 (बंजर भूमि) पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। गांव से निकास के लिए वहां एक पक्का नाला बनना था, जिसके लिए उप जिलाधिकारी सदर ने राजस्व टीम की रिपोर्ट के बाद आदेश जारी किया था। नाला निर्माण से नाराज तौलेराम और उसके पक्ष के लोग प्रधान दिलीप कुमार से रंजिश रखने लगे थे।
पत्र के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को गांव में किसी बात को लेकर तौलेराम पक्ष का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ, जिसमें तौलेराम को चोटें आईं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस घटना में रंजिशवश प्रधान दिलीप कुमार, नरेश कुमार, जिया लाल और ग्राम सेवक भूपेन्द्र को नामजद कर दिया गया। ग्रामीणों का तर्क है कि जिस समय गांव में झगड़ा हुआ, उस समय प्रधान दिलीप कुमार अपने साथियों के साथ मरौरी ब्लॉक में एक आधिकारिक बैठक में शामिल थे। वे सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक बैठक में मौजूद थे। ग्रामीणों ने अपनी बात के समर्थन में उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर और ब्लॉक कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज है।
पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के पूर्व प्रधान के सी वर्मा जो सत्ता पक्ष के एक कद्दावर मंत्री के करीबी नेता है। उनके इशारे पर पुलिस ने यह एकतरफा कार्रवाई की है। ग्रामीणों ने निर्दोष लोगों के पक्ष में शपथ पत्र भी प्रस्तुत किए हैं। गोपाल ने कहा, “मेरे भाई और उनके साथियों को झूठा फंसाया गया है। अगर पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना कर फर्जी मुकदमा खत्म नहीं किया, तो हम ग्रामीण बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”
पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि क्या CCTV और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस मामले में न्याय कर पाती है या नहीं।




