
बिहार के सीवान जिले में एक विचाराधीन कैदी की इलाज के दौरान मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल के पास रोड को जाम कर दिया। भीड़ ने एक पुलिसकर्मी को दोड़ा-दौड़ाकर पीटा। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाई की मांग को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि जेल के अंदर कैदी की पिटाई की गई थी। मृतक के शरीर पर पिटाई के कई दाग बताए जा रहे हैं।
मालूम हो कि जीबी नगर थाना तरवारा के सोनबरसा गांव के 40 साल के वाल्मीकि को पुलिस ने 13 जुलाई को शराब पीने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मंगलवार को उसको जमानत मिलने वाली थी। उससे पहले ही उसके मौत की खबर आ गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि 13 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया और 14 जुलाई को जेल भेजा गया। जब हम उससे मिलने जेल गए तो जेल प्रशान उससे मुलाकात नही कराई। जेल प्रशान द्वारा बोला गया कि वो किसी ने मिलना नहीं चाहता है।
इसके ठीक दो दिन बाद सूचना दी जाती है उसकी तबियत खराब हो गई है। हम सभी अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी होती है। उसके शरीर पर काले चोट के निशान मिले। जिसे देखकर साफ लग रहा है कि उसकी मौत पिटाई से हुई है।
वहीं इस पूरे मामले पर सीवान के जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया मृतक परिवार के सभी आरोप बेबुनियाद हैं। वो काफी नशा करता था। इस तरह लोगों में कई तरह की बीमारी हो जाती है। तबियत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन जेल प्रशासन पर पिटाई से ही मौत का आरोप लगा रहे है तो अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का खुलासा हो सकेगा।