
पीलीभीत संवाददाता :बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार को पीलीभीत के बीसलपुर पहुंचे। उन्होंने सनातनी समाज के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करते हुए मौजूदा कानूनों और सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने SC-ST एक्ट को समाप्त करने और यूजीसी एक्ट-2026 के प्रस्तावित नियमों का खुलकर विरोध किया।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान में SC-ST एक्ट का दुरुपयोग कर सनातनी समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून की मार केवल सामान्य वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि ओबीसी समाज भी इससे गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, सरकार 7 फरवरी से पहले संसद का विशेष सत्र बुलाकर SC-ST एक्ट को पूरी तरह समाप्त करे। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो 7 फरवरी को देशव्यापी कूच किया जाएगा। भाजपा का जनाधार कमजोर हो चुका
है, आज चुनाव हों तो पार्टी शून्य पर सिमट जाएगी।
उन्होंने यूजीसी एक्ट-2026 को लेकर भी कड़ा विरोध जताया। अग्निहोत्री ने कहा कि 15 जनवरी को जब इस एक्ट का गजट उनके सामने आया। तब उन्हें एहसास हुआ कि यह कानून समाज में गहरी खाई पैदा करेगा। उनके मुताबिक, ये नियम सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाले हैं। इसी कारण उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया।
अलंकार अग्निहोत्री ने सनातनी समाज से आह्वान किया कि वह यूजीसी एक्ट के खिलाफ खुलकर आवाज उठाए और इसे वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर
SC-ST एक्ट के विरोध में आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
बीसलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उन्होंने पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट के बयानों का समर्थन किया। उनके इस तीखे भाषण ने जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।




