
वक्फ संशोधन बिल को लेकर बिहार में जदयू को तगड़ा झटका, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अफरीदी रहमान ने दिया इस्तीफा
वर्तमान भारत, स्टेट डेस्क
पटना: बिहार की सियासत में चुनाव से ठीक पहले बड़ा भूचाल आया है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर अब राजनीतिक दलों पर दिखने लगा है। जदयू को इस मुद्दे पर एक और बड़ा झटका लगा है, जब पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अफरीदी रहमान ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
अफरीदी रहमान ने अपने दो दर्जन से अधिक समर्थकों के साथ जदयू से किनारा कर लिया और पार्टी नेतृत्व पर अल्पसंख्यकों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वक्फ संशोधन बिल को अल्पसंख्यक विरोधी करार दिया।
उन्होंने कहा कि जदयू अब उन मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है, जिनके नाम पर अल्पसंख्यकों को साथ लाया गया था। रहमान ने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही अपने समर्थकों के साथ किसी नए राजनीतिक विकल्प की ओर रुख कर सकते हैं।
इस घटनाक्रम से जदयू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, खासकर जब विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। पार्टी अब अल्पसंख्यक मतदाताओं को साधने की रणनीति पर दोबारा विचार कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वक्फ संशोधन बिल पर पार्टी की चुप्पी और रुख ने कई अल्पसंख्यक नेताओं को असहज कर दिया है, और अफरीदी रहमान का इस्तीफा इसी असंतोष की बड़ी मिसाल है।